वैदिक(आर्य) धनगरों की ऋषि परंपरा, अहीर धनगरों की सिद्ध परंपरा, ज्यू(यहूदी) पशुपालों की प्रेषित(Prophet) परंपरा,जैन मुनी और बौद्ध भिक्षुओं की श्रमण परंपरा विश्व में लाखों साल से चल रही हैI
वैदिक(आर्य) धनगरों की ऋषि परंपरा, अहीर धनगरों की सिद्ध परंपरा, ज्यू(यहूदी) पशुपालों की प्रेषित(Prophet) परंपरा,जैन मुनी और बौद्ध भिक्षुओं की श्रमण परंपरा विश्व में लाखों साल से चल रही हैIआर्य,अहीर/ अभीर, ज्यू(यहूदी), अरब, रोमन, ग्रीक, तुर्क, शक, और हूण लोगों का मुल एक ही हैI ये सब पशुपाल जातियाँ हैI
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