महाक्षत्रप रुद्रदामन का गिरनार अभिलेख और सुदर्शन झील
चन्द्रगुप्तस्य राष्ट्रियेण वैश्येन पुष्पगुप्तेन कारितमशोकस्य मौर्यस्य कृते यवनराजेन तुषारस्फेनाधिष्टाय....
सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य ने सौराष्ट्र की विजय की थी। महाक्षत्रप रुद्रदामन् के जूनागढ़-गिरनार
अभिलेख से प्रमाणित है कि चंद्रगुप्त के राष्ट्रीय, वैश्य पुष्यगुप्त यहाँ के राज्यपाल थे।
अभिलेख से प्रमाणित है कि चंद्रगुप्त के राष्ट्रीय, वैश्य पुष्यगुप्त यहाँ के राज्यपाल थे।
रुद्रदामन ने सबसे पहले विशुद्ध संस्कृत भाषा में लम्बा अभिलेख (जूनागढ़ अभिलेख) जारी किया। यह लेख संस्कृत काव्य शैली के विकास के अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण समझा जाता हैI
सुदर्शन झील गिरनार, गुजरात में स्थित है। इस झील का निर्माण मौर्य वंश के संस्थापक सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य के आदेश से उनके गिरनार में नियुक्त राज्यपाल 'पुष्यगुप्त वैश्य' ने करवाया था। सम्राट अशोक के महामात्य तुषास्प ने इस झील का पुर्ननिर्माण करवा कर उसे मजबूती प्रदान की थी। बाद के समय में स्कन्दगुप्त ने बड़ी उदारता के साथ धन खर्च किया और इस झील पर एक बाँध का निर्माण करवाया।महाक्षत्रप रुद्रदामन ने सुदर्शन झील के पुननिर्माण में भारी धन व्यय करवाया था।
चंद्रगुप्त का साम्राज्य अत्यंत विस्तृत था। इसमें लगभग संपूर्ण उत्तरी और पूर्वी भारत के साथ साथ उत्तर में बलूचिस्तान, दक्षिण में मैसूर तथा दक्षिण-पश्चिम में सौराष्ट्र तक का विस्तृत भूप्रदेश सम्मिलित था। इनका साम्राज्य विस्तार उत्तर में हिंद्कुश तक दक्षिणमें कर्नाटक तक पूर्व में बंगाल तथा पश्चिम में सौराष्ट्र तक थाI
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