प्राकृतों में ‘क्ष’ अक्षर नहीं हैं , उसके स्थान पर ‘ख’ का प्रयोग किया जाता है।
आर्यों का आदि उपनिवेश(colonization) सप्तसिंधु प्रदेश में हुआ और वहीं भाषा के अनेक रूपों का विकास हुआ। प्राकृतों में ‘क्ष’ अक्षर नहीं हैं , उसके स्थान पर ‘ख’ का प्रयोग किया जाता है। भाषा विज्ञान के इसी उच्चारण विधान के कारण खरात(संस्कृत:क्षहरात),खत्ती,खत्री इत्यादि शब्द चलन में आ गये और वह अबतक प्रचलित है। इस तरह प्राचीनकाल में पंजाब के क्षत्रिय वर्ण के ‘खत्री’ नाम से प्रसिद्ध होने की पुष्टि मिल जाती है।
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